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मगरमच्छ पानी मैं सांस कैसे लेते है ? Magarmach paani main saans kaise lete hain.....

                                  रोचक तथ्य 

Fact ----

क्या आप जानते है मगरमच्छ पानी मैं सांस कैसे लेते है ?


तो आइये जानते हैं मगरमच्छ पानी में सांस कैसे लेते है। रेप्टीलिया वर्ग के सबसे बड़े जंतुओं में से एक मगरमच्छ है, जिसे देखकर शायद आप भी बचपन में डरे हो क्योंकि ये प्राणी इतना खतरनाक होता है कि शिकार करने में ज्यादा देर नहीं लगाता है।


 तो चलिए, आज बात करते हैं मगरमच्छ के बारे में की मगरमच्छ पानी में सांस कैसे लेता है।


मगरमच्छ की लगभग 23 प्रजातियाँ मौजूद हैं। 240 मिलियन सालों से मगरमच्छ धरती पर मौजूद है। इनका डायनासोर से करीबी सम्बन्ध माना जाता है। मगरमच्छ दो तरह के होते हैं- मीठे पानी में रहने वाले और खारे पानी में रहने वाले मगरमच्छ। ज्यादातर मगरमच्छ ताजा पानी के नदी और झीलों में ही रहा करते हैं।


खारे पानी के मगरमच्छ के बारे मैं कुछ तथ्य --


1. खारे पानी का मगरमच्छ सबसे बड़े आकार का जीवित सरीसृप है ।


2. यह उत्तरी ऑस्ट्रेलिया, भारत के पूर्वी तट और दक्षिण-पूर्वी एशिया के उपयुक्त आवास स्थानों में पाया जाता है।


3. आपको जानकर हैरानी होगी खारे पानी के मगरमच्छ की थूथन, मगर कहलाने वाले मगरमच्छ से अधिक लम्बी होती है।


4. अन्य प्रकार के मगरमच्छों की तुलना में, खारे पानी के मगरमच्छ की गर्दन पर कवच प्लेटों की संख्या कम होती है ।


5. एक वयस्क नर खारे पानी के मगरमच्छ का भार 600 से 1,000 किलोग्राम (1,300–2,200 पौंड) और लम्बाई सामान्यता  4.1 से 5.5 मीटर (13–18 फीट) होती है जो की काफी जायदा है।


6. एक 7-मीटर (23 फीट) नर खारे पानी का मगरमच्छ भारत के उड़ीसा राज्य में भीतरकनिका पार्क में रहता है जो की गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड ने स्वीकार किया है


7. खारे पानी का मगरमच्छ भारत में पाई जाने वाली मगरमच्छ की तीन प्रजातियों में से एक है, इसके अलावा मगर कहे जाने मगरमच्छ और घड़ियाल पाए जाते हैं।


8. आपको जानकार हैरानी होगी  ऑस्ट्रेलियाई खारे पानी के मगरमच्छों की आबादी अनुमानतः 100,000 और 200,000 वयस्कों के बीच है।


9. खारे पानी का मगरमच्छ ऐतिहासिक रूप से पूरे दक्षिण पूर्वी एशिया में पाया गया, लेकिन अब इस रेंज में से विलुप्त हो चुका है।


10. आम तौर पर ये बहुत सुस्त होते हैं- यह एक ऐसी विशेषता है जिसकी वजह से ये कई महीनों तक भोजन के बिना जीवित रह सकते हैं


11. खारे पानी के मगरमच्छ अपनी रेंज में आने वाले किसी भी जानवर को खा सकते हैं, इसमें बन्दर, कंगारू, जंगली सूअर, डिंगो (एक प्रकार का कुत्ता), गोआना, पक्षी, घरेलू पशु, पालतू जानवर, मनुष्य, पानी की भैंस, गौर, चमगादड़ और यहां तक कि शार्क भी शामिल है।



12. खारे पानी के मगरमच्छ बहुत ही ख़तरनाक होते है |


मगरमच्छ की आँखें भी बहुत तेज होती है तभी तो अपने शिकार को रात के अँधेरे में और पानी के अंदर देख पाना इनके लिए बहुत आसान होता है।


मगरमच्छ के सुनने की क्षमता इतनी तेज होती है कि वो अपने बच्चों को अंडे में रोता हुआ भी सुन सकता है।


मगरमच्छ के दांत और जबड़े बहुत मजबूत होते हैं जिनकी मदद से अपने शिकार को ये चुटकियों में मार देते हैं |


मगरमच्छ बिना भोजन के लम्बे समय तक जीवित रह सकता है। ये अपने भोजन को चबाया नहीं करते हैं बल्कि बड़ी मात्रा में टुकड़े काटकर निगल जाते हैं।


खाते समय मगरमच्छ की आँखों में आंसू आते हैं क्योंकि खाते समय उनके मुँह में हवा भर जाती है जो अश्रु ग्रंथि के संपर्क में आते ही आंसुओं के रूप में बाहर निकलती है।


मगरमच्छ पानी के अंदर सांस नहीं ले सकते हैं। मगरमच्छ पानी में सांस लम्बे समय तक रोके रखने की क्षमता रखते हैं। ये क्षमता 15 मिनट या  1-2 घंटे तक हो सकती है।

मगरमच्छ अक्सर अपना मुँह खोलकर रहते हैं क्योंकि उनमें स्वेट  ग्लैंड्स नहीं होती है इसलिए वो अपना मुँह खुला रखकर अपने शरीर को ठण्डा करते हैं।

मगरमच्छ को पानी का शैतान भी कहा जाता है |


ज्यादातर मगरमच्छ 50-60 साल तक जिन्दा रहते हैं जबकि कुछ मगरमच्छ 80 साल तक भी जीवित रहते हैं।

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